हैलो दोस्तों स्वागत है आपका आज की हमारी इस पोस्ट में। आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि C language के advantages और disadvantages क्या हैं? तो चलिए दोस्तों बिना time waste किए आज की पोस्ट शुरू करते हैं.
What is C language in Hindi?
C एक general-purpose, procedural, middle-level language है (क्योंकि यह निम्न-स्तरीय (low-level) और उच्च-स्तरीय(high-level) दोनों प्रकार की functionalities को support करती है) जिसे मूल रूप से वर्ष 1972 में Bell Labs में UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए डेनिस रिची (Dennis Ritchie) द्वारा विकसित किया गया था।
C language के उपयोग के कुछ उदाहरण हैं- ऑपरेटिंग सिस्टम (UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी UNIX एप्लिकेशन), लैंग्वेज कंपाइलर (C कंपाइलर), असेंबलर, text एडिटर, प्रिंट स्पूलर, नेटवर्क ड्राइवर, मॉडर्न प्रोग्राम, डेटाबेस, लैंग्वेज इंटरप्रेटर etc.
Read Full Article: What is C programming language in Hindi
What are the advantages of C language in Hindi?
C दुनिया भर में एक बहुत लोकप्रिय भाषा है और एक प्रोग्रामर के लिए अपने करियर की शुरुआत में सीखने के लिए ideal language है। इसमें सीखने के लिए बहुत कम vocabulary है, syntax simple है, और भाषा की मॉड्यूलर संरचना (modular structure) सीखना आसान है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इसके advantages और disadvantages क्या हैं?
1. It is easy to understand
लोगों द्वारा अन्य प्रोग्रामिंग languages की तुलना में C को चुनने का एक मुख्य कारण यह है कि किसी भी अन्य प्रोग्रामिंग language की तुलना में C को सीखना आसान है। आप C के concepts को आसानी से समझ सकते हैं क्योंकि इसमें कम keywords or symbols का use किया गया है। इसके अलावा, C प्रोग्रामिंग सीखना आरंभ करने के लिए आपको computer science में expert होने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, सी लैंग्वेज में system-generated functions और user-defined functions भी उपलब्ध हैं ।
2. Presence of many Libraries and Built-in functions
C language बहुत सारे built-in फंक्शन प्रदान करती है जिसमें सिस्टम-जनरेटेड फंक्शन और यूजर-डिफ़ाइंड फंक्शन शामिल होते हैं। प्रोग्राम को develop करने के लिए कई general functions का उपयोग किया जा सकता है, इसके साथ ही प्रोग्रामर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार एक नया फ़ंक्शन भी बना सकता है, जिसे C में user-generated/defined फ़ंक्शन कहा जाता है।
3. Fast execution speed
चूंकि C कम instructions का उपयोग करती है, इसीलिए यह अन्य प्रोग्रामिंग languages जैसे Java, Ruby, PHP, आदि की तुलना में तेजी से execute होती है। C में लिखा गया कोड assembly language में लिखे गए कोड जितना तेज़ होता है।
4. Portable
चूंकि C ASCII characters पर आधारित है, यह Windows, Linux, Mac OS X, Android, iOS आदि सहित विभिन्न प्लेटफार्मों पर अच्छी तरह से काम करता है। इसलिए, आप अपने C प्रोग्राम को किसी भी plateform पर चला सकते हैं।
5. Procedure Oriented Language
C language में Users अपने tasks को execute करने के लिए procedures or functions बनाते हैं। procedure-oriented भाषा सीखना बहुत आसान है। यदि आप procedure-oriented भाषा का उपयोग करके एक प्रोग्राम create करना चाहते हैं, तो आपको एक algorithm तैयार करना होगा और इसे एक function में लिखना करना शुरू करना होगा।
6. Dynamic memory allocation
C language में आप dynamically or statically दोनों तरह से memory allocate कर सकते हैं। यदि हम नहीं जानते कि runtime पर हमारे data structure के लिए कितनी मेमोरी की आवश्यकता होगी तो हम dynamic memory allocation का उपयोग कर सकते हैं। Dynamic memory allocation में, आप runtime पर मेमोरी allocate कर सकते हैं तथा प्रोग्राम execute होने के बाद आप allocated मेमोरी को free function का use करके program द्वारा use की गई मेमोरी को free कर सकते हैं जिससे की अन्य प्रोग्राम्स उस मेमोरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह से मेमोरी स्पेस waste नहीं होगा।
What are the disadvantages of C language in Hindi?
1. Lack of Object Orientation
C एक बहुत vast और powerful language है और यह केवल procedural programming approach को follow करती है। लेकिन यह object oriented programming के concepts को support नहीं करती है । OOPs के concepts कोड की reusability को बड़ा देते हैं।
2. No Garbage Collection
Garbage collection एक feature है जो automatically उन objects से memory को वापस ले लेती है जिनका application या library में कोई use नहीं है। इसका उपयोग automatic और manual garbage collection दोनों के लिए किया जा सकता है। लेकिन C language को support नहीं करती है इसलिए यहां पर मेमोरी management की पूरी जिम्मेदारी developer की होती है।
3. Run-time checking
C एक compiled language है इसलिए कोड की प्रत्येक line के बाद errors का पता नहीं लगाया जा सकता है। कंपाइलर केवल runtime पर कोड में सभी errors को दिखाता है जो बड़े projects में debugging को काफी मुश्किल बना देता है।
4. Concept of namespace is not present in C
Namespace एक ऐसा feature है जिसकी मदद से हम किसी प्रोग्राम में same name के दो variables का यूज कर सकते हैं लेकिन C language में namespace की सुविधा नहीं दी गई है इसलिए यहां पर एक ही नाम के दो variables नहीं हो सकते हैं, C language एक case sensitive है इसलिए यह एक ही नाम के दो variables के use को support नहीं करती है। जिसका मतलब है कि C language में Name, naMe, NAME और name सभी अलग-अलग variables होंगे।
5. Absence of Exception Handling
किसी भी programming language में Exception एक ऐसा special case होता है जिसमें लिखा गया कोड error throw करता है उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने divide करने का प्रोग्राम लिखा है, इसमें एक ऐसा case होगा जब यूज़र 0 से divide कर सकता है लेकिन math के रूल के हिसाब से किसी भी नंबर को 0 से divide नहीं कर सकते हैं इसलिए यह एक special case है, ऐसी स्थिति में है प्रोग्राम error throw करता है तथा प्रोग्राम में इस प्रकार के cases को Exception कहां जाता है तथा इन्हें Exception Handling का use करके solve किया जाता है जिससे कि प्रोग्राम user को error के स्थान पर एक warning देगा कि वह 0 से divide नहीं कर सकता है लेकिन C programming language में Exception Handling का feature उपलब्ध नहीं है.
Summary: तो दोस्तों इसी के साथ हम आज ही अपनी पोस्ट समाप्त करते हैं, आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट 'Advantages and Disadvantage of C language in Hindi' पसंद आई होगी तथा हमारी पोस्ट के माध्यम से आपको C language के advantages और disadvantages से जुड़े doubs clear हो गए होंगे. अपने दोस्तों के साथ भी पोस्ट को शेयर करें तथा C language से जुड़ी हमारी अन्य Post भी जरूर पढ़ें.
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